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रहस्यों से भरी 'जन्नत' में जमीन के अंदर है मंदिर, बेहद खूबसूरत हैं कश्मीर के ये स्थान

कश्मीर के खूबसूरत स्थान कश्मीर के खूबसूरत स्थान

श्रीराम के जयघोष से गूंजा जम्मू-कश्मीर, आरएसएस कार्यकर्ताओं ने लिया ये संकल्प

श्रीराम मंदिर निर्माण निधि समर्पण अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में शोभा यात्रा निकाली गई। सांबा जिले के विभिन्न कस्बों में शोभा यात्रा निकाली गई। भद्रवाह जिले में राम भक्तों ने बाइक रैली निकाली। इसमें काफी संख्या में अभियान से जुड़े सदस्यों व आम नागरिकों ने भाग लिया।

सांबा जिले के रामनगर, कालीबडी, पंगदौर, बैनगलाड, कंगवाला में शोभा यात्रा में युवक मोटरसाइकिल व निजी वाहनों में जय श्रीराम के नारे लगाकर आगे बढ़ रहे थे। आरएस पुरा में अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि स्थल पर मंदिर निर्माण के लिए निधि समर्पण अभियान शुरू किया गया।

इस सिलसिले में देवीद्वारा मंदिर में बैठक हुई। इसकी अध्यक्ष आरएसएस जिला सह संचालक संजय गुप्ता ने की। बैठक में कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए घर-घर से सहयोग राशि एकत्र की जाएगी। कार्यकर्ताओं से इस अभियान में जुड़ने का आग्रह किया गया।

कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि मंदिर निर्माण में सभी नागरिकों का सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा। इसका मकसद नागरिकों को भगवान श्रीराम मंदिर से जोड़ना है। सहयोग राशि कितनी भी हो सकती है, लेकिन सबका जुड़ाव जरूरी है। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे हर घर में दस्तक देंगे।
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जम्मू-कश्मीरः नियंत्रण रेखा पर चक्कां दा बाग में पीओके से आई आग भड़की

नियंत्रण रेखा पर चक्कां दा बाग क्षेत्र में पीओके की तरफ से लगाई गई आग ने आसपास के बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। इससे नियंत्रण रेखा पर आतंकियों की घुसपैठ रोकने के लिए बिछाई गई दर्जनों बारूदी सुरंगों में विस्फोट हो रहा है। उधर, सेना की तरफ से आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

वीरवार को देर शाम करीब पांच बजे पुंछ नगर से करीब दस किलोमीटर की दूरी पर भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर चक्कां दा बाग क्षेत्र में पाकिस्तानी कब्जे वाले क्षेत्र में लगी आग भारतीय क्षेत्र में पहुंच गई। आग ने नियंत्रण रेखा के आसपास उगी सूखी घास के साथ ही माइन फील्ड में प्रवेश करते हुए काफी बड़े क्षेत्र को चपेट में ले लिया। 

इस आग से बारूदी सुरंगों में विस्फोट होने लगा, जिसके धमाके पुलस्त नदी के इस पार बसे गांव जलास एवं सलोत्री में भी सुनाई दे रहे थे। देर रात तक दर्जनों बारूदी सुरंगें फट गई थीं और आग बढ़ती ही जा रही थी। सेना की तरफ से आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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जम्मू-कश्मीरः घाटी में पर्यटन को बढ़ावा देने और विश्वास बहाली की कवायद तेज

नियंत्रण रेखा पर चक्कां दा बाग क्षेत्र...
जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने तथा सड़क कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए तीन दिवसीय दौरे पर पहुंची संसदीय स्थायी कमेटी ने विभिन्न हितधारकों से बातचीत कर फीडबैक लिया। इस दौरान समिति के अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद टीजी वेंकटेश ने कहा कि कश्मीर के लोगों के बीच विश्वास बहाली तथा भरोसे की जमीन तैयार करनी है ताकि ज्यादा से ज्यादा घरेलू व विदेशी पर्यटक यहां आ सकें। कश्मीर स्विटजरलैंड से भी ज्यादा खूबसूरत है। यहां के लोग भी काफी प्यारे हैं। घाटी का हर मोर्चे पर विकास किया जाएगा। 

पत्रकारों से बात करते हुए समिति के अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय निवेशक जल्द ही यहां आएंगे और निवेश करेंगे। इससे सभी मोर्चों पर विकास कार्य स्थानीय स्तर पर होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि वह कश्मीर को पुराने स्वरूप में लौटाएं। मोदी सरकार इसके लिए करोड़ों रुपये विकास कार्यों में खर्च कर रही है। ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट भी बड़े पैमाने पर आएगा। कहा कि आज की बैठक में केंद्रीय मंत्री डा. जितेंद्र सिंह तथा सांसद डा. फारूक अब्दुल्ला भी शामिल हुए। आम तौर पर ऐसी बैठकों में मंत्री शामिल नहीं होते हैं। लेकिन यह अच्छा है कि वे हमारे साथ रहे। 

समिति संसद को सौपेंगी रिपोर्ट, जम्मू भी आएगी
वेंकटेश ने कहा कि आप वैश्विक स्तर पर देखें तो कश्मीर से खूबसूरत कोई जगह नहीं है। यहां सब कुछ है सिवाय विकास के। समिति ने होटल व ट्रैवल कारोबारियों, ट्रेडर्स तथा टूर आपरेटरों के साथ बैठक कर उन्हें पेश आ रही दिक्कतों की जानकारी हासिल की है। वे इनकी फीडबैक से संसद को अवगत कराएंगे। समिति जम्मू भी जाकर विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात करेगी। 

घाटी में पर्यटन को बचाने के लिए जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर अनिश्चतता खत्म हो 
संसदीय समिति से मिलने वाले विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने कहा कि जम्मू-श्रीनगर हाईवे को लेकर अनिश्चितता का माहौल समाप्त होना चाहिए। एयर ट्रैवल को सुविधाजनक बनाने के साथ ही परिवहन व्यवस्था में और सुधार करने की जरूरत है। कहा कि यदि घाटी में पर्यटन को बढ़ावा देना है तो इनमें सुधार आवश्यक है। जम्मू-श्रीनगर हाईवे के लगातार बंद होने से पर्यटन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही हवाई किराया में बढ़ोतरी से भी पर्यटक मुंह मोड़ रहे हैं। 

समिति से मिलने वाले कश्मीर चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष शेख आशिक हुसैन ने कहा कि श्रीनगर-जम्मू हाईवे के लगातार बंद होने का स्थायी समाधान निकालना चाहिए। हाईवे बंद होने के साथ ही हवाई किराए में बढ़ोतरी हो जाती है। हाईवे के विस्तारीकरण में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। 

कश्मीर हाउसबोट ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हमीद वांगू ने कहा कि उन्होंने जम्मू से श्रीनगर के बीच सीधी रेल लिंक तथा हवाई किराए पर नियंत्रण की मांग की। आल जेएंडके शिकारा यूनियन के अध्यक्ष गुलाम अहमद कोलू ने कहा कि ज्यादातर शिकारों की स्थिति जर्जर हो गई है। हमने सस्ते दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि अपने कारोबार को फिर से जीवित कर सकें और डल व नगीन झील में आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सके। 

यूनाइटेड टूरिज्म फोरम के चेयरमैन मंजूर अहमद पख्तून ने कश्मीर घाटी में पर्यटन उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए पैकेज देने की मांग की। कहा कि एक समय में 2500 हाउस बोट थे, लेकिन अब इनकी संख्या घटकर मात्र 950 ही रह गई है। 
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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को किश्तवाड़ से जोड़ने की तैयारी, रिपोर्ट सरकार के पास

लद्दाख में चीन से तनाव के बाद सामरिक महत्व की सड़कों के जाल को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कड़ी में किश्तवाड़ के पाडर इलाके को लद्दाख के जंस्कार से जोड़ने के लिए सड़क का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्तावित रूट गुलाबगढ़ के पाडर से शुरू होगा जो मचेल और उमाशिला से होकर जंस्कार पहुंचेगा। 

इस रूट की हवाई दूरी महज 80 किलोमीटर है। वर्तमान में गुलाबगढ़ से मचेल (31 किमी) तक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत परियोजना मंजूर हो चुकी है, जिसे 18 किलोमीटर लंबी अठोली से पलाली और 13 किलोमीटर लंबे पलाली से मचेल तक बनाया जाना है। 

उच्च स्तरीय बैठक में इस सड़क के लिए प्रारंभिक फिजिबिलिटी जांचने के आदेश हुए थे। किश्तवाड़ जिला प्रशासन ने ग्रेफ की मदद से रिपोर्ट तैयार कर लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव को भेज दी है। रिपोर्ट में सड़क निर्माण की संभावना, रोड कनेक्टिविटी के लिए क्षेत्र का फासला और भौगोलिक परिस्थितियों से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े शामिल किए गए हैं। प्रस्तावित सड़क संपर्क को सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बताया गया है, जिसके निर्माण का काम बॉर्डर रोड आर्गनाइजेशन को दिया जा सकता है। 

5329 मीटर ऊंचे उमाशिला दर्रे से गुजरेगी सड़क
जम्मू-कश्मीर को लद्दाख से सड़क संपर्क देने के प्रस्तावित रूट में पड़ने वाला उमाशिला दर्रे की समुद्र तल से ऊंचाई 5329 मीटर है। पाडर की ऊंचाई 1620 मीटर है जबकि प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मचेल 2958 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। रिपोर्ट के अनुसार मचेल माता से जंस्कार के अक्शू गांव तक ट्रैकिंग रूट है, जो जंगल और ग्लेशियर से होकर गुजरता है। 

उच्च स्तरी बैठक में किश्तवाड़ से लद्दाख के लिए सड़क का प्रस्ताव आया था। निर्देश के अनुसार ग्रेफ की मदद से सड़क निर्माण की संभावना पर आधारित रिपोर्ट तैयार की गई है। इसे मंजूरी के लिए सरकार को भेज दिया गया है।
- अशोक कुमार शर्मा, जिला उपायुक्त किश्तवाड़
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