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क्या कहती है आपकी जन्मकुंडली आपके भविष्य के बारे में
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साउथ अफ्रीका के खिलाफ सात मार्च से शुरू हो रही सीरीज में भारतीय महिला टीम में खेलेगी उत्तराखंड की बेटी

साउथ अफ्रीका के खिलाफ सात मार्च से शुरू हो रही एक दिवसीय पांच मैचों की सीरीज के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम में श्वेता वर्मा का भी चयन हुआ है।

27 फरवरी 2021

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Digital Edition

Corona in Uttarakhand: 45 नए कोरोना संक्रमित मिले, एक भी मरीज की नहीं हुई मौत

उत्तराखंड में आठ जिलों में 45 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसकी के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 97134 हो गई है। चार दिनों से प्रदेश में किसी भी कोरोना संक्रमित मरीज की मौत नहीं हुई है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार बुधवार को 10650 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, 45 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। हरिद्वार जिले में 19 संक्रमित मिले हैं। जबकि देहरादून में 15, ऊधमसिंह नगर में पांच, नैनीताल जिले में दो, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और अल्मोड़ा में एक-एक संक्रमित मामला मिला है।

अब तक प्रदेश में 1692 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, 31 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया है। इन्हेें मिला कर 93575 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।

वर्तमान में 463 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। पिथौरागढ़ व बागेश्वर जिले में एक भी सक्रिय मरीज नहीं हैं। प्रदेश की रिकवरी दर 96.34 प्रतिशत और सैंपल जांच के आधार पर संक्रमण की दर 3.99 प्रतिशत दर्ज की गई है।

14 हजार फीट की ऊंचाई पर आईटीबीपी जवानों को लगा कोरोना टीका 
भारत-चीन सीमा की उच्च हिमालयी चार चेक पोस्टों पर  देश की सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी और एसएसबी के जवानों को बुधवार को कोरोना का टीका लगाया गया।  स्वास्थ्य विभाग के प्रतिरक्षण सहायक मोहित पंत के नेतृत्व में 14 हजार फीट पर स्थित कुटी में आईटीबीपी जवानों का टीकाकरण किया गया।

इसके अलावा 11 हजार फीट पर स्थित कालापानी, 10 हजार फीट पर गुंजी और गर्ब्यांग में आईटीबीपी और एसएसबी के 250 जवानों को कोरोना का टीका लगाया गयाटीकाकरण में डॉ. आशुतोष तिवारी, स्टाफ नर्स मोहन खड़ायत, भगत सिंह नेगी ने सहयोग किया। आईटीबीपी के डिप्टी कमांडेंट डॉ. गोगोई ने टीम का आभार
जताया। 
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कोरोना जांच कोरोना जांच

केदारनाथ से गरूड़चट्टी तक अब इन गुफाओं में बाबा केदार की ध्यान साधना कर सकेंगे श्रद्धालु, तस्वीरें...

केदारनाथ में दुग्ध गंगा से गरूड़चट्टी तक तीन ध्यान गुफाएं और बनाई गई है। वर्ष 2018 में यहां पहली ध्यान गुफा का निर्माण किया गया था, जिसके बाद अब यहां कुल चार ध्यान गुफाएं हो गई हैं। संचालन की जिम्मेदारी गढ़वाल मंडल विकास निगम को सौंपी गई है।

केदारनाथ पुनर्निर्माण में कृत्रिम गुफाओं का निर्माण भी शामिल है। इसके तहत वर्ष 2018 में निम द्वारा दुग्ध गंगा क्षेत्र में ध्यान गुफा का निर्माण किया गया था। जबकि बीते वर्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण-लोक निर्माण विभाग, डिवीजन गुप्तकाशी द्वारा इसी क्षेत्र में तीन और नई गुफाएं बनाई गई हैं। प्रत्येक गुफा में बिजली, पानी व शौचालय की उचित व्यवस्था की गई है।  

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दो मीटर लंबाई व तीन मीटर चौड़ाई में बनाई गई इन तीन गुफाओं के निर्माण में 27 लाख रुपये खर्च हुए हैं। प्रत्येक गुफा में एक-एक साधक ध्यान कर सकता है। वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ने धाम पहुंचकर यहां लगभग 17 घंटे तक साधना की थी। जबकि पूरे यात्राकाल में 95 श्रद्धालुओं ने ध्यान गुफा में ध्यान व योग साधना की थी। इस दौरान गढ़वाल मंडल विकास निगम की एक लाख से अधिक की आय भी हुई। जबकि बीते वर्ष कोरोनाकाल में सीमित यात्रा के बीच 25 श्रद्धालुओं ने ध्यान गुफा में साधना की थी।
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पिथौरागढ़-घाट नेशनल हाईवे पर दरकी पहाड़ी, रास्ता बंद होने से भूखे-प्यासे फंसे रहे हजारों लोग, तस्वीरें...

उत्तराखंड में पिथौरागढ़-घाट बारहमासी सड़क पर चुपकोट बैंड के पास मंगलवार देर रात करीब एक बजे भारी भूस्खलन होने से पिथौरागढ़-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया था। इससे बुधवार को हजारों यात्री भूखे प्यासे ही रास्ते में ही फंसे रहे। उन्हें तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मार्ग पर कल दोपहर तक आवाजाही सुचारू होने की संभावना है।

पहाड़ी दरकने से बंद रास्ते पर बुधवार को वाहनों का संचालन नहीं हो सका। पिथौरागढ़ से जाने वाले वाहनों की गुरना की ओर लंबी कतार लग गई जबकि टनकपुर और हल्द्वानी रूटों से आ रहे वाहन घाट की ओर फंसे रहे। लंबी दूरी पर जाने वाले सैकड़ों वाहनों में सवार हजारों यात्री मार्ग पर फंसे रहे। एनएच के बंद होने से नगर में रसोई गैस, दूध, सब्जी, ईंधन और अखबार की गाड़ियां भी पिथौरागढ़ नहीं पहुंच पाईं।

सड़क बंद होने के कारण अधिकांश यात्री जंगल के रास्ते दूसरी तरफ पहुंचे और वहां से वाहन बदलकर पिथौरागढ़ पहुंचे। इसी तरह मैदानी क्षेत्रों को जा रहे यात्री भी पैदल चलकर दूसरी ओर गए और वहां से अन्य वाहनों से गंतव्य के लिए रवाना हुए। कई यात्री चुपकोट बैंड से पैदल आए।

एनएच के ईई एलडी मथेला का कहना है कि पहाड़ी दरकने से सड़क पर काफी मलबा आ गया है, जिसे साफ करने में लंबा समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे तक सड़क खुलने की उम्मीद है। 
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कुंभ मेला 2021: जूना, अग्नि और आह्वान अखाड़ों ने फहराई धर्म ध्वजा, पहली बार पहुंचा किन्नर अखाड़ा, तस्वीरें...

नागा संन्यासियों का सबसे बड़ा श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, अग्नि और आह्वान अखाड़ा की बुधवार को धर्म ध्वजा स्थापित हो गई। विधि-विधान से तीनों अखाड़ों ने अपनी अलग-अलग ध्वजा फहराई। बृहस्पतिवार को जूना और अग्नि अखाड़ा की सामूहिक पेशवाई निकाली जाएगी। इनकी पेशवाई में किन्नर अखाड़ा भी साथ चलेगा।

शोभायात्रा में देवभूमि की संस्कृति की झलक दिखेगी। किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के नेतृत्व में किन्नर अखाड़ा पहली बार हरिद्वार महाकुंभ में धर्मध्वजा स्थापित कर जूना अखाड़े के साथ मिलकर शाही स्नान करेगा। दंडी स्वामी भी हरिद्वार में जूना अखाड़ा के साथ पहली बार शाही स्नान में भाग लेंगे।

महाकुंभ 2021: शाही अंदाज में निकली निरंजनी अखाड़े की पेशवाई को देखने उमड़ा जनसैलाब, तस्वीरों में देखें अद्भुत छटा...

जूना अखाड़ा की धर्म ध्वजा बुधवार शाम करीब छह बजे बिरला पुल, हनुमान मंदिर के पास फहराई गई। इसमें आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि, श्री पंच अग्नि अखाड़ा आचार्य महामंडलेश्वर ब्रह्मनिष्ठ स्वामी रामकृष्णानंद, किन्नर अखाड़े आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, आह्वान के प्रमुख अध्यक्ष सत्यागिरि, अखाड़ा संरक्षक श्रीमंहत, हरिगिरि, अध्यक्ष श्रीमंहत प्रेमगिरि, रमता पंच श्री महंत केदारपुरी, महामंडलेश्वर विमल गिरि, महामंडलेश्वर स्वामी वीरेंद्रानंद गिरि, श्रीमहंत महेश गिरि, श्रीमहंत मोहन भारती, श्रीमहंत गणपत गिरि, श्रीमहंत शैलंद्र गिरि, श्रीमंहत साधनानंद महामंडलेश्वर विष्णुदेवानंद, दूदेश्वर पीठाधीश्वर श्रीमंहत नारायण गिरि, अग्नि अखाड़े के सभापति ब्रह्मचारी मुक्तानंद बापू, महामंडलेश्वर पवित्रानंद गिरि आदि मौजूद रहे।
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निरंजनी अखाड़े की पेशवाई में संस्कृति के साथ बही देशभक्ति की बयार, अनोखे अंदाज में निकले कलाकार, तस्वीरें...

जूना-अग्नि-आह्वान अखाड़ों ने फहराई धर्म ध्वजा
पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी, श्री तपोनिधि आनंद अखाड़े की पेशवाई में पारंपरिक उत्तराखंडी नृत्य और देशभक्ति की झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। मसकबीन और ढोल दमाऊ की थाप पर थिरकते कलाकारों को देख श्रद्धालु भी झूमने पर मजबूर हो गए। देशभक्ति की झांकी पर लहराता तिरंगा, फौजी पोशाक में सजे कलाकार और साथ में देशभक्ति के गीतों ने श्रद्धालुओं में जोश भर दिया।

पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी और श्री तपोनिधि आनंद अखाड़े की पेशवाई में उत्तराखंड की अमिट संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया गया। यही नहीं झांकियों के माध्यम से यह भी दिखाया गया तमाम विविधताओं के बावजूद देश एक है। अखाड़ों के महामंडलेश्वरों के रथों के बीच कुमाऊंनी और जौनसारी लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी गई। जब कलाकारों ने मसकबीन, ढोल और दमाऊ का साज छेड़ा तो सड़कों के किनारे खड़े श्रद्धालु भी उनके साथ थिरकने लगे।

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युवाओं ने कलाकारों के साथ जमकर सेल्फी ली। दिल्ली की गणतंत्र दिवस की परेड की तर्ज पर निकाली गई जंग की मैदान की ओर कूच करते फौजियों की झांकी को भी लोगों ने खूब पसंद किया। महाराष्ट्र के नासिक से आए शिवराय और शिव तांडव म्यूजिक ग्रुप के कलाकारों के झंडा और रस्सी के करतब देखरक श्रद्धालु हैरान गए।
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कोटद्वार-दिल्ली रूट पर आज से दौड़ी सिद्धबली जनशताब्दी एक्सप्रेस, रेल मंत्री ने दिखाई हरी झंडी

कोटद्वार से दिल्ली के लिए सिद्धबली जनशताब्दी एक्सप्रेस का संचालन शुरू हो गया है। बुधवार को रेल मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। 

उद्घाटन कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए केंद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उत्तराखंड में रेल सेवाओं के विस्तार के लिए डबल इंजन की सरकार लगातार काम कर रही है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2021-22 के बजट में उत्तराखंड के रेल बजट में चार हजार 432 करोड़ स्वीकृत कर 23 गुना बढ़ोत्तरी की है। कहा कि कोटद्वार और नजीबाबाद के बीच 15 किमी क्षेत्र में विद्युतीकरण का कार्य होना है।

इसे जल्द पूरा कर कोटद्वार समेत उत्तराखंड के सभी स्टेशनों से इलेक्ट्रिक रेल सेवा शुरू की जाएगी। इससे उत्तराखंड के पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होगा। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना में भूमि अधिग्रहण में दिक्कत नहीं आई और जनता का सहयोग रहा, तो इसे तय समय से पहले पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। कहा कि योग नगरी ऋषिकेश का रेलवे स्टेशन देशभर में एक अद्भुत स्टेशन बनाया गया है। रेल मंत्री ने कहा कि हरिद्वार-देहरादून और ऋषिकेश-रायवाला का नया सर्वे कर रेल लाइनों का नवीनीकरण किया जा रहा है। 

कुंभ के लिए हरिद्वार में 100 करोड़ की धनराशि से काम कराया जा चुका है। देहरादून में 312 करोड़ के प्रोजेक्ट और 190 करोड़ के सुरक्षा प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। सांसद अनिल बलूनी ने विश्वास दिलाया कि जनता की मांग के अनुरूप समय सारणी में बदलाव किया जाएगा। साथ ही विश्वास जताया कि इससे उत्तराखंड और पौड़ी जनपद में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। 

कोटद्वार रेलवे स्टेशन से गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत, क्षेत्रीय विधायक एवं वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत और लैंसडौन के विधायक दिलीप रावत ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को दिल्ली के लिए रवाना किया। इस मौके पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विपिन कैंथोला, भाजपा जिलाध्यक्ष संपत सिंह रावत, उमेश त्रिपाठी, रेलवे के एजीएम नवीन गुलाटी, मुरादाबाद मंडल के डीआरएम तरूण प्रकाश, डीजीआरएम रेखा शर्मा सहित कई मौजूद थे।


 
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उत्तराखंड: अब कण्व नगरी के नाम से जाना जाएगा कोटद्वार, सीएम त्रिवेंद्र ने दी नाम बदलने की मंजूरी

उत्तराखंड में पौड़ी जिले के कोटद्वार नगर निगम का नाम अब बदलकर कण्व नगरी हो जाएगा। बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद से सटे उत्तराखंड के कोटद्वार का नाम महर्षि कण्व के नाम पर रखे जाने की लंबे समय से मांग की जा रही थी।

धार्मिक मान्यता है कि महर्षि कण्व की तपस्थली कण्वाश्रम कोटद्वार से करीब 14 किलोमीटर दूर है। इसलिए कोटद्वार की पहचान कण्व महर्षि के नाम पर भी है। इसी के आधार पर कोटद्वार का नाम बदलकर कण्व नगरी रखने की मांग हो रही थी।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से नए नाम पर सहमति दे दी गई है। माना जा रहा है कि नाम परिवर्तन से कोटद्वार को धार्मिक पर्यटन के रूप में पहचान मिल पाएगी।

सिद्धबली जनशताब्दी एक्सप्रेस से कोटद्वार को मिलेगी नई पहचान
कोरोना संक्रमणकाल के करीब सालभर बाद कोटद्वार में रेलवे की गतिविधियां शुरू होने का जिले के दूरस्थ विकास खंडों के लोगों और जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि कोटद्वार के सिद्धबली धाम के नाम पर देश की राजधानी के लिए नई एक्सप्रेस ट्रेन संचालित होने से कोटद्वार के साथ ही गढ़वाल को नई पहचान मिलेगी। कई संगठनों के पदाधिकारियों ने बताया कि सिद्धबली के नाम से सीधी ट्रेन शुरू होने से गढ़वाल ही नहीं, बिजनौर, मेरठ और दिल्ली समेत मैदानी क्षेत्र में रहने वाले उत्तराखंडी प्रवासियों में उत्साह बना हुआ है। उन्हें उम्मीद है कोरोना संक्रमणकाल में बंद पड़ी मसूरी लिंक और गढ़वाल एक्सप्रेस भी जल्द पटरी पर लौट आएगी। 

कोरोना संक्रमण काल के बाद कोटद्वार से दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा का संचालन होने से पर्वतीय क्षेत्र के लोगों को फायदा मिलेगा। दिल्ली से गढ़वाल आने वाले लोगों के लिए यह सबसे अच्छी रेल सेवा साबित होगी। वे समय से पहाड़ के अपने गांवों के लिए रवाना हो सकेंगे। 
- राजेंद्र जखमोला, समाज सेवी कोटद्वार 

कोटद्वार से सिद्धबली जनशताब्दी एक्सप्रेस का संचालन रेल सेवाओं के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगा। सिद्धबली जनशताब्दी एक्सप्रेस कोटद्वार और यहां के प्रसिद्ध सिद्धबली धाम को देश में नई पहचान दिलाएगा। पहाड़ के रेल यात्रियों के लिए यह सुगम आवागमन का साधन बनेगी।
- आशा भट्ट, ब्लाक प्रमुख यमकेश्वर 
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अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव: इनके पास है हर उम्र के लोगों के लिए आसन, साधकों को ऐसे कराया योग, तस्वीरें...

ऋषिकेश के जीएमवीएन गंगा रिजॉर्ट में आयोजित सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में योगिनी ऊषा माता साधकों को बतौर योगाचार्य विभिन्न योगाभ्यास करा रही हैं। उनके अय्यंगर योग, अदोमुखा श्वान आसन, विपरीत्त करनी कुष्ठासन, च्रकासन, सेतुबंद आसन, शीर्षासन आदि विभिन्न प्रकार के आसन साधकों को आकर्षित कर रहे हैं। 

वहीं, अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के तीसरे दिन बुधवार को भी विभिन्न योगाचार्यों ने साधकों को विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। साथ ही स्वस्थ जीवन के लिए योग के महत्व से साधकों को अवगत कराया। महोत्सव में ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय की शिवानी ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, योग जीवन जीने का तरीका है। जो इस सृष्टि की हर समस्या को हल कर सकता है।

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योग साधकों को ऑनलाइन (वर्चुअल) माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि पिछला साल कई प्रश्न लेकर आया था। जिससे हम सभी लोगों ने काफी कुछ सीखा, हमारा मन और चित प्रश्नों में उलझा रहता है, हम खुश नहीं रह पाते हैं, जो प्रसन्नचित्त होता है वह प्रसन्न नहीं रह पाता। ऐसे ही मन उलझनों में रहता है कि ऐसा क्यों हुआ, हमारे साथ ही ऐसा क्यों होता है।
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कुंभ मेला 2021: सीएम त्रिवेंद्र ने लिया संतों का अशीर्वाद, किया 150 बेड के अस्थायी अस्पताल का निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने कुंभ के लिए बनाए गए 150 बेड के अस्थायी बेस अस्पताल और मीडिया सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को अस्पताल में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मुुहैया कराई जाएंगी। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय कवरेज व मीडियाकर्मियों के लिए सुविधायुक्त मीडिया सेंटर तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बुधवार को पावनधाम पहुंचे और अस्पताल के आईसीयू, आसीसीयू, बर्न यूनिट, इमरजेंसी वार्ड, फार्मेसी का निरीक्षण किया। मेला अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. अर्जुन सिंह सेंगर ने बताया कि अस्पताल में तीन शिफ्टों में 38 डॉक्टर, 90 स्टाफ नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। इसके बाद सीएम ने चंडी टापू के पास स्थित मीडिया सेंटर का दौरा किया। मेल अधिकारी दीपक रावत और महानिदेशक (सूचना) डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि मीडिया सेंटर में प्रेस कान्फ्रेंस हाल, स्टूडियो, पीसीआर, वेटिंग लॉज, आईटी हाल, स्विस और वीआईपी कॉटेज की व्यवस्था की गई है। 

मीडिया सेंटर आधुनिक संचार उपकरणों और संसाधनों से युक्त है। मुख्य स्नान पर्वों के दौरान लाइव कवरेज की जीएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए मीडिया सेंटर में सभी तकनीकी संसाधन उपलब्ध हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने खुशी जताई। निरीक्षण के दौरान दर्जाधारी सुशील चौहान, पंकज सहगल, आईजी (कुंभ) संजय गुंज्याल, डीएम सी रविशंकर, एसएसपी (कुंभ) जन्मेजय खंडूड़ी, एसएसपी हरिद्वार सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस, अपर मेला अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र मौजूद थे। 

ग्रीन कुंभ कराएं, संसाधनों की नहीं होगी कमी : सीएम
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अधिकारियों से कहा कि ग्रीन कुंभ का आयोजन सरकार की प्राथमिकता है। मेला क्षेत्र की स्वच्छता के लिए संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने स्थायी और अस्थायी कार्यों को संतोषजनक बताया। साथ ही शहर के अंदर की सड़कों की मरम्मत और घाटों की प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। 

कुंभ कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अटल बिहारी वाजपेयी राज्य अतिथि गृह में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि ग्रीन कुंभ के आयोजन के लिए सफाई व्यवस्था और सौंदर्यीकरण कार्य बहुत जरूरी हैं।  सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारियों और संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। जल्द ही मेला क्षेत्र की सफाई के लिए आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी। मेला अधिष्ठान के कर्मचारी संबंधित विभागों के साथ आपसी तालमेल के साथ काम करें। सीएम ने कहा मुख्य मार्गों के साथ अब शहर के अंदर की सड़कों की मरम्मत का काम जल्द पूरा किया जाए। शहर और घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करें।
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