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कौन हैं जोगिंदर सिंह उगराहां, जिन्होंने संभाली पंजाब के सबसे बड़े किसान संगठन की बागडोर

कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब-हरियाणा के किसान दिल्ली के बार्डर पर डटे हुए हैं। पंजाब का सबसे बड़ा किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन उगराहां भी कंधे स...

30 नवंबर 2020

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Digital Edition

किसान आंदोलन: हल लेकर दिल्ली की रिंग रोड पर 26 जनवरी को पैदल परेड भी करेंगे किसान

26 जनवरी को होने वाली गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल सेना के हथियारों की झांकी की तर्ज पर किसान संगठन खेती के औजारों को शामिल करने की योजना पर काम कर रहे हैं। गुरुवार देर रात टीकरी सीमा पर हुई किसान संगठनों की बैठक में दिल्ली कूच के दौरान रिंग रोड पर हलों के साथ किसान पैदल परेड निकालने का फैसला किया गया। साथ ही तय किया गया कि ट्रैक्टर परेड को नियंत्रित करने के लिए किसान अपने प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की तैनाती करेंगे।

टीकरी बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान संगठनों की आयोजित बैठक में केंद्र के कृषि कानूनों को 1.5 साल तक टालने के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया गया। बैठक में शामिल किसान नेताओं ने 26 को होने वाले ट्रैक्टर मार्च को ऐतिहासिक बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। 

गणतंत्र दिवस की परेड में सेना अपने हथियारों को लेकर शामिल होती है। बैठक में तय किया गया कि किसान भी दिल्ली में होने वाली ट्रैक्टर परेड के साथ हल और कृषि में उपयोग होने वाले औजारों को लेकर पैदल परेड करेंगे। इसके जरिए केंद्र को संदेश दिया जाएगा कि सरकार द्वारा कृषि कानूनों के जरिए किसानों के औजारों को छीनने का प्रयास किया जा रहा है। किसान केंद्र सरकार की इस मंशा को बखूबी समझ गया है। किसान नेताओं ने बैठक में कुछ और भी अहम बिंदुओं पर विचार विमर्श किया, जिस पर अमल करने के लिए पंजाब सहित दूसरे राज्यों के किसान नेताओं से भी संपर्क किया गया।

हर हाथ में रहेगा किसान आंदोलन का झंडा
बैठक के दौरान किसान आंदोलन के झंडे पर भी किसान नेताओं का विशेष फोकस रहा। किसान नेताओं ने तय कि 26 को होने वाली ट्रैक्टर परेड के दौरान आंदोलन में शामिल हर किसान के पास आंदोलन का झंडा रहेगा। इससे किसान आंदोलन में कृषि कानूनों के विरोध में एकजुटता को बल मिलेगा। साथ ही सरकार के समक्ष सकारात्मक संदेश जाएगा।
26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड ऐतिहासिक होगी। सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जहां कुछ कमी है उसे दूर किया जा रहा है। किसानों का मुख्य औजार हल है और वह आंदोलन का अहम हिस्सा है। यदि किसान अपने हल लेकर परेड निकालना चाहता है तो वह कोई अपराध नहीं है। - शिंगारा मान सिंह, किसान नेता, पंजाब।
 
किसानों का औजार है हल। 26 को होने वाली ट्रैक्टर परेड में पंजाब से कई किसान अपने इस खेती के औजार को लेकर शामिल होंगे। किसानों को हल से कोई भी ताकत दूर नहीं कर सकती। - सुखदेव सिंह कोकरी कलां, महासचिव, भाकियू एकता (उगराहां)
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किसान आंदोलन। (फाइल फोटो) किसान आंदोलन। (फाइल फोटो)

जब साथ रहने की संभावनाएं खत्म हो जाएं तो तलाक के लिए कानूनन इंतजार की जरूरत नहीं: हाईकोर्ट

दंपती द्वारा तलाक के लिए छह माह की कानूनन साथ रहने की समय सीमा माफ करने की याचिका को स्वीकार करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट को तलाक पर तुरंत फैसला लेने का आदेश दिया है। हिसार निवासी दंपती ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया कि उनका विवाह 2018 में हुआ था और 2019 तक दोनों साथ रहे। इस दौरान उनके बीच संबंध बिगड़ने लगे और हालात ऐसे हो गए कि अब वह साथ नहीं रहना चाहते हैं। 

दोनों सहमति से तलाक चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने अक्तूबर 2020 को हिसार की फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए याचिका भी दाखिल की है। याची ने बताया कि फैमिली कोर्ट ने दोनों के बयान दर्जकर सुनवाई अप्रैल 2021 तक टाल दी है। 

फैमिली कोर्ट में दंपती ने तलाक के लिए छह माह साथ रहने की शर्त हटाने के लिए अर्जी भी दाखिल की थी। लेकिन इसे खारिज कर दिया गया। महिला ने बताया कि अब वह किसी और से विवाह करना चाहती है लेकिन तलाक न मिलने के चलते वह ऐसा नहीं कर पा रही है। फैमिली कोर्ट से अर्जी खारिज होने के बाद अब उनके पास हाईकोर्ट के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है। 

हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि यदि पति-पत्नी के बीच अलगाव पैदा हो गया हो और भविष्य में उनके प्रेम से रहने की संभावना खत्म हो गई हो तो इस अवधि से छूट दी जा सकती है। साथ ही अदालत को यदि यह लगे कि कुछ दिन साथ रहने से रिश्तों की खटास समाप्त नहीं होगी तो ऐसे में छह माह की अवधि का कोई मतलब नहीं रह जाता है।
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मोहाली : किसान आंदोलन में तबीयत खराब होने पर घर पहुंचे कुराली के किसान की मौत

पंजाब के मोहाली जिले के गांव खैरपुर के किसान की दिल्ली सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन के दौरान तबीयत खराब होने के बाद घर पहुंचने पर मौत हो गई। इस संबंध में गांव खैरपुर निवासी सुखविंद्र सिंह ने बताया कि हरिंदर सिंह उर्फ गोला जो कि किसान आंदोलन में काफी दिनों से सिंधु बॉर्डर पर डटे थे। इस दौरान वहां पर अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई।

इसके बाद वह अपने साथियों के साथ वापस कुराली अपने घर को रवाना हुए। इसी दौरान रास्ते में ही हरिंदर सिंह की हालत ज्यादा खराब होने पर उसको बनूड़ के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। यहां अस्पताल में उपचार के बाद उसको घर भेज दिया गया। लेकिन घर पहुंचने के बाद हरिंदर सिंह की तबीयत दोबारा खराब होने के कारण मौत हो गई। 

दिल्ली धरने में जा रहे ट्रैक्टर को कैंटर ने मारी टक्कर, एक की मौत 6 घायल
26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली ट्रैक्टर रैली में शामिल होने पंजाब के अबोहर के गांव बिशनपुरा से जा रहे नौजवानों की ट्रैक्टर-ट्राली में गुरुवार रात दो बजे हिसार के पास पीछे से तेज रफ्तार कैंटर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर से ट्राली में बैठे सात लोगों में से एक युवक की मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हो गए। घायलों को हिसार के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। वहीं मृतक का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। इस घटना का पता चलते ही गांव बिशनपुरा व मेहराणा से भी बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचे।

जानकारी के अनुसार अबोहर के गांव बिशनपुरा निवासी करणी सिंह, सिकंदर, दर्शन कुमार, केशव, गांव नारायणपुरा निवासी सौरभ, गांव मेहराणा निवासी दीपक और राजस्थान के गांव बलोचांवाली निवासी सुशील कुमार एक साथ ट्रैक्टर-ट्राली लेकर 21 जनवरी की शाम करीब पांच बजे दिल्ली रवाना हुए थे। हादसे में करीब 27 वर्षीय अविवाहित युवक करणी सिंह मौत हो गई। मृतक अपने पिता का इकलौता बेटा था। 
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आंदोलन में जान गंवाने वाले पंजाब के किसानों के परिवारों को पांच-पांच लाख और नौकरी देने की घोषणा

कृषि कानूनों को रद्द करने से केंद्र सरकार के इनकार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अमानवीय करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने शुक्रवार को एलान किया कि इन कानूनों के खिलाफ संघर्ष में जान गंवाने वाले पंजाब के किसानों के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।

कैप्टन ने सवाल किया कि केंद्र सरकार इन कानूनों को रद्द करने से क्यों भाग रही है। केंद्र सरकार को यह कानून रद्द करके किसानों से बातचीत करनी चाहिए और सभी संबंधित पक्षों से सलाह के बाद नए कानून बनाने चाहिए। भारत के संविधान में भी कई बार संशोधन हो चुका है तो केंद्र सरकार यह कानून वापस न लेने पर क्यों अड़ी हुई है।

मुख्यमंत्री ने ‘कैप्टन से सवाल’ के 20वें फेसबुक लाइव सेशन के दौरान शुक्रवार को कहा कि वे किसानों के साथ हैं और उनके साथ खड़े रहेंगे। पंजाब सरकार और राज्य का हर नागरिक दिल्ली की सरहद पर बैठे किसानों की हिमायत करता है। आंदोलन में बड़ी संख्या में बुजुर्ग भी शामिल हैं जो अपने लिए नहीं, बल्कि अपने बच्चों और पोते-पोतियों के भविष्य के लिए वहां डटे हुए हैं।



कृषि जैसे प्रांतीय मामले में केंद्र ने दखल क्यों दिया 
बिना किसी चर्चा के संसद में कृषि कानून पास करवाने के लिए कैप्टन ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि इसकी कीमत सारा देश चुका रहा है। उन्होंने कहा कि क्या देश में कोई संविधान है। कृषि राज्यों का विषय है इसलिए केंद्र की तरफ से प्रांतीय मामले में दखल क्यों दिया गया है। उन्होंने अकालियों और आम आदमी पार्टी (आप) को भी आड़े हाथों लिया। 

सीएम बोले- अब तक 76 किसानों की हो चुकी मौत 
मुख्यमंत्री ने बताया कि दुख की बात तो यह है कि ठंड के कारण हर दिन हम अपने किसानों को खो रहे हैं। अब तक तकरीबन 76 किसानों की मौत हो चुकी है। 
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किसान नेताओं ने कहा- रोहतक की सीमाएं 25 को करेंगे सील, स्टेडियम के बाहर खड़ी की जाएंगी पांच हजार ट्रैक्टर ट्रॉलियां

कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। इसी कड़ी में किसानों ने प्रदेश भर में गणतंत्र दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में भाजपा व जजपा के नेताओं व कार्यकर्ताओं को ध्वजारोहण नहीं करने देने का एलान किया है। इस बात को लेकर किसान कई दिनों से लगातार प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर इस बात को दोहरा रहे हैं।

इसी बीच रोहतक में गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण करने आ रहे प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल की तैयारियों में प्रशासन जुटा है। तो किसान विरोध पर आमादा हैं। अब 25 जनवरी को रोहतक की सीमाएं सील कर कार्यक्रम स्थल खेल स्टेडियम को पांच हजार ट्रैक्टर ट्रालियों से घेर लेने का एलान किया है।

शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए हरियाणा पंजाब एकता मंच के प्रधान सतीश राणा, भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान जय भगवान ने कहा कि किसान किसी भी सूरत में कृषि मंत्री जेपी दलाल के कार्यक्रम को नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा की गुरुवार को डीसी के साथ बैठक करके इस बात से अवगत करा दिया गया था।

जहां एक ओर किसान आंदोलनरत हैं, ऐसे में इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन करके सरकार माहौल को खराब करना चाह रही है। सतीश राणा ने कहा की संविधान में कहां लिखा है कि 26 जनवरी को कोई मंत्री ही झंडा फहराएगा। राज्य सरकार को थोड़ी समझ से काम लेते हुए इस बार हर जिले में झंडा फहराने के लिए किसी किसान, स्वतंत्रता सेनानी या पूर्व सैनिक को चुनना चाहिए।
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बेटे की शहादत पर मां ने जो कहा, वो सबको पढ़ना चाहिए, गांव में पसरा मातम, किसी भी घर में नहीं जला चूल्हा

फर्जी आरसी बना गाड़ियां बेचने वाला सरगना काबू, 17 वाहन बरामद, उत्तर भारत में फैला है गिरोह

हरियाणा के सिरसा जिले की सीआईए पुलिस ने फर्जी आरसी बनाकर गाड़ियों को बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना को काबू कर लिया है। आरोपी की पहचान रोहतक के सुभाष नगर निवासी सुनील चितकारा उर्फ आशु के रूप में हुई है। अभी तक पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर 17 गाड़ियां बरामद की है। जिला पुलिस के अनुसार यह गिरोह पूरे उत्तर भारत में फैला है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

डीएसपी डबवाली कुलदीप सिंह बेनीवाल व सीआईए सिरसा प्रभारी इंस्पेक्टर नरेश कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि सीआईए सिरसा पुलिस को लगातार फर्जी आरसी वाली गाड़ियां अवैध रूप से चलाने के बारे में सूचनाएं मिल रही थीं। 14 जनवरी को सीआईए टीम को सूचना मिली थी कि रोहतक निवासी सुनील गाड़ियों की फर्जी आरसी तैयार करवाता है, जिसने कुछ गाड़ियां सिरसा में भी बेची हैं। 

इस पर सीआईए सिरसा पुलिस ने तीनों गाड़ियों को सिरसा से बरामद कर लिया। जब इनकी जांच की गई तो गाड़ियों में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। गाड़ी मालिकों ने बताया कि उन्होंने गाड़ियां सुनील चितकारा के मार्फत खरीद रखी हैं, जिस पर सहायक उपनिरीक्षक महेंद्र सिंह व सहायक उप निरीक्षक अवतार सिंह के नेतृत्व में एक टीम रोहतक भेजी गई। टीम ने रोहतक से मुख्य सरगना सुनील चितकारा को काबू कर लिया।

फाइनेंस वाली गाड़ियों को ऑनलाइन बोली से खरीदता था आरोपी
डीएसपी कुलदीप सिंह बेनीवाल ने बताया कि आरोपी से पूछताछ पर पता चला कि आरोपी बैंकों की फाइनेंस वाली गाड़ियों को महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल व कर्नाटक से ऑनलाइन बोली के माध्यम से खरीदता और फिर सरकारी टैक्स बचाने के लिए फर्जी बैंक अथॉरिटी प्रमाण पत्र खुद तैयार करता।

इसके लिए गाड़ी के चेसिस नंबर से भी छेड़छाड़ की जाती, ताकि ऑनलाइन नंबर डालने से गाड़ी का पुराना नंबर पता न चले और मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर की भी नकली रिपोर्ट खुद तैयार कर फर्जी हस्ताक्षर करता। इसके बाद गाड़ी को मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर से पास न करवाकर खुद ही फर्जी तरीके से पास करता था। इस फर्जीवाड़े में रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी व सरल केंद्र जगाधरी में इंचार्ज यमुनानगर का लक्ष्मी नगर निवासी अमित कुमार आरोपी से मिला हुआ था, जो 60-65 हजार रुपये प्रति गाड़ी लेकर फर्जी तरीके से पास करवाता था।
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अविश्वास प्रस्ताव से स्पष्ट हो जाएगा किस पार्टी का कौन सा विधायक किसानों के साथ खड़ा है : भूपेंद्र हुड्डा

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हमने कई बार राज्यपाल से विधानसभा सत्र बुलाने की अपील की है। सरकार को जल्द ही विधानसभा सत्र बुलाना चाहिए, क्योंकि अब कोरोना भी काफी हद तक काबू में आ चुका है। वैक्सीन भी आ चुकी है। विधानसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि इस अविश्वास प्रस्ताव से स्पष्ट हो जाएगा कि किस पार्टी का कौन सा विधायक किसानों के साथ खड़ा है। कौन किसान विरोधी सरकार के साथ खड़ा है। 

हुड्डा शुक्रवार को पार्टी नेता उमेद लोहान के आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि जनप्रतिनिधि सदन में किसानों समेत प्रदेश के सामने खड़ी तमाम चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा करें। हुड्डा ने कहा कि किसान आंदोलन को दो महीने पूरे होने वाले हैं फिर भी सरकार किसानों को तारीख पर तारीख के फेर में उलझाए हुए है। तेल, खाद, बीज के दाम आसमान छू रहे हैं लेकिन किसान की आमदनी लगातार कम होती जा रही है। ऐसे में उनकी मर्जी के खिलाफ तीन नए कानून थोपना किसान के साथ अन्याय है। 

'मैं किसान का बेटा हूं, उनका दर्द अच्छी प्रकार समझता हूं'
हुड्डा ने कहा कि 58 दिनों से देश का अन्नदाता अपनी मांगों को लेकर कड़ाके की ठंड में धरना-प्रदर्शन कर रहा है। मगर सरकार उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि मैं किसान का बेटा हूं और उनका दर्द अच्छी प्रकार समझता हूं। सरकार किसानों को डराने के बजाय मनाने की कोशिश करे। 

बातचीत के नाम पर दिखावा कर रही है सरकार : सैलजा
हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि आज भाजपा सरकार का ध्यान सिर्फ अपने पूंजीपति साथियों को फायदा पहुंचाने में है और जनता के हितों को भूल चुकी है। सरकार किसानों से बार-बार बातचीत के नाम पर दिखावा कर रही है। सैलजा शुक्रवार को लांधड़ी टोल पर धरने पर बैठे किसानों को संबोधित कर रही थीं। 

सैलजा ने कहा कि किसान आंदोलन एक जन आंदोलन है और कांग्रेस किसान के साथ है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी लगातार कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। इस दौरान कुमारी सैलजा लंगर में भी पहुंचीं। वहां किसानों के लिए खाना बनता देखकर सैलजा महिलाओं के साथ रोटियां सेंकने लगीं।
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